Gold Price Record: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना ₹1.42 लाख के पार, जानिए तेजी के बड़े कारण

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों ने नया इतिहास रच दिया है। पहली बार गोल्ड ₹1.42 लाख प्रति औंस के स्तर को पार कर गया है, जिससे निवेशकों और आम लोगों दोनों के बीच चर्चा तेज हो गई है। बीते कुछ महीनों से सोने में लगातार मजबूती देखने को मिल रही थी, लेकिन अब जिस तरह से कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंची हैं, उसने बाजार के जानकारों को भी चौंका दिया है। इस तेजी के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण जिम्मेदार माने जा रहे हैं।
सबसे बड़ा कारण वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता है। अमेरिका और यूरोप की अर्थव्यवस्थाओं में मंदी की आशंका, बैंकिंग सेक्टर की चुनौतियां और बढ़ता कर्ज निवेशकों को सुरक्षित विकल्पों की ओर मोड़ रहा है। ऐसे समय में सोना हमेशा से “सेफ हेवन” माना जाता है, इसलिए बड़े निवेशक शेयर और अन्य जोखिम भरे निवेश से पैसा निकालकर गोल्ड में लगा रहे हैं। इसके अलावा भू-राजनीतिक तनाव, युद्ध जैसी स्थितियां और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अस्थिरता भी सोने की मांग बढ़ा रही हैं।
दूसरा अहम कारण डॉलर और ब्याज दरों से जुड़ा है। जब अमेरिकी डॉलर में कमजोरी आती है या ब्याज दरों में कटौती की संभावना बनती है, तो सोने की कीमतों को सीधा फायदा मिलता है। केंद्रीय बैंकों द्वारा भविष्य में नरम मौद्रिक नीति अपनाने के संकेत भी गोल्ड को सपोर्ट दे रहे हैं। साथ ही कई देशों के केंद्रीय बैंक अपने रिजर्व में तेजी से सोना जोड़ रहे हैं, जिससे मांग और बढ़ गई है।
अब सवाल यह है कि आगे सोने के दाम कितने और बढ़ सकते हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक अनिश्चितता बनी रहती है और ब्याज दरों में कटौती होती है, तो आने वाले समय में सोना और ऊंचे स्तर देख सकता है। कुछ विश्लेषकों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड ₹1.45 लाख से ₹1.50 लाख प्रति औंस तक भी जा सकता है। हालांकि, बीच-बीच में मुनाफावसूली के कारण हल्की गिरावट भी देखने को मिल सकती है।



