AI समिट से पहले दिल्ली में होटल किराए बेकाबू, ताज में एक रात का खर्च ₹32 लाख तक

दिल्ली में होने जा रहे बड़े AI समिट से पहले राजधानी के होटल इंडस्ट्री में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। देश–विदेश से आने वाले मेहमानों, टेक कंपनियों के प्रतिनिधियों, नीति निर्माताओं और निवेशकों की भारी आमद को देखते हुए लग्जरी होटलों ने अपने कमरों के दाम कई गुना तक बढ़ा दिए हैं। हालात ऐसे हैं कि कुछ प्रीमियम सुइट्स की कीमतें सुनकर आम लोग ही नहीं, कॉर्पोरेट जगत के लोग भी हैरान रह जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, राजधानी के प्रतिष्ठित ताज होटल में एक रात ठहरने का किराया करीब ₹32 लाख तक पहुंच गया है। यह कीमत सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना ज्यादा बताई जा रही है।
होटल प्रबंधन का कहना है कि डिमांड और सप्लाई के हिसाब से रेट तय होते हैं। जब किसी अंतरराष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में हजारों डेलीगेट्स एक साथ पहुंचते हैं तो लग्जरी और हाई-सिक्योरिटी व्यवस्था वाले होटलों की मांग तेजी से बढ़ जाती है। ऐसे में प्रीमियम सुइट्स, प्रेसिडेंशियल फ्लोर और खास सुविधाओं वाले कमरों के दाम आसमान छूने लगते हैं। इस बार भी कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है। कई बड़े होटल पहले ही लगभग फुल हो चुके हैं और जो कमरे बचे हैं, उनके दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं।
ट्रैवल और हॉस्पिटैलिटी एक्सपर्ट मानते हैं कि ऐसे बड़े आयोजनों से होटल इंडस्ट्री को जबरदस्त फायदा होता है। न सिर्फ कमरे, बल्कि बैंक्वेट, कैटरिंग, ट्रांसपोर्ट और अन्य सेवाओं से भी भारी कमाई होती है। हालांकि, आम यात्रियों और बिजनेस ट्रैवलर्स के लिए यह स्थिति मुश्किल पैदा कर देती है, क्योंकि उन्हें या तो बहुत ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ता है या शहर से दूर ठहरने का विकल्प चुनना पड़ता है।
AI समिट को लेकर सरकार और प्रशासन की तैयारियां भी जोर-शोर से चल रही हैं। माना जा रहा है कि यह आयोजन भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के ग्लोबल हब के रूप में पेश करने का बड़ा मंच बनेगा। लेकिन इसके साथ ही होटल किरायों में आई बेतहाशा बढ़ोतरी चर्चा का विषय बन गई है। अब देखना होगा कि समिट के खत्म होने के बाद दाम सामान्य स्तर पर कितनी जल्दी लौटते हैं। फिलहाल तो दिल्ली में एक रात रुकना कई लोगों के लिए किसी लग्जरी सपने से कम नहीं रह गया है।



