फिजिकल शेयर सर्टिफिकेट को डिजिटल कैसे करें? निवेशकों के लिए जरूरी गाइड और अंतिम तारीख

कई परिवारों में आज भी पुराने जमाने के फिजिकल शेयर सर्टिफिकेट अलमारी या लॉकर में सुरक्षित रखे होते हैं। अक्सर ये शेयर पापा या दादा जी ने सालों पहले खरीदे थे, जिनकी जानकारी अब अगली पीढ़ी को पूरी तरह नहीं होती। लेकिन बदलते नियमों के बीच अब ऐसे फिजिकल शेयर रखना जोखिम भरा हो सकता है। सेबी और शेयर बाजार से जुड़े नियमों के अनुसार अब फिजिकल शेयर को डिमैट (Demat) में बदलना अनिवार्य कर दिया गया है। यदि तय समय सीमा तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की गई, तो शेयर बेचने, ट्रांसफर करने या उनसे जुड़े अधिकारों का लाभ उठाने में दिक्कत आ सकती है।
फिजिकल शेयर को डिजिटल फॉर्म में बदलने के लिए सबसे पहले आपको किसी भी डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट (DP) जैसे बैंक या ब्रोकरेज फर्म में डिमैट अकाउंट खुलवाना होगा। इसके बाद Dematerialisation Request Form (DRF) भरना होता है, जिसमें शेयर सर्टिफिकेट की पूरी जानकारी देनी होती है। फॉर्म के साथ ओरिजिनल शेयर सर्टिफिकेट जमा किए जाते हैं, जिन पर “Surrendered for Dematerialisation” लिखा जाता है। इसके बाद DP यह अनुरोध संबंधित कंपनी और डिपॉजिटरी (NSDL या CDSL) को भेजता है।
सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आपके फिजिकल शेयर डिजिटल यानी डिमैट अकाउंट में क्रेडिट हो जाते हैं। इस प्रक्रिया में आमतौर पर कुछ हफ्तों का समय लग सकता है। ध्यान रखने वाली बात यह है कि शेयर सर्टिफिकेट पर नाम, सिग्नेचर और अन्य विवरण आपके KYC डॉक्यूमेंट से मेल खाने चाहिए, वरना प्रक्रिया अटक सकती है। यदि शेयर किसी दिवंगत व्यक्ति के नाम हैं, तो नॉमिनेशन या उत्तराधिकार से जुड़े दस्तावेज भी लगाने पड़ सकते हैं।
निवेशकों के लिए यह आखिरी मौका बेहद अहम है, क्योंकि फिजिकल शेयर भविष्य में पूरी तरह अमान्य हो सकते हैं। समय रहते इन्हें डिजिटल फॉर्म में बदलना न सिर्फ सुरक्षित है, बल्कि शेयर बेचने, ट्रांसफर करने और डिविडेंड पाने की प्रक्रिया को भी आसान बनाता है। अगर आपके पापा ने कभी फिजिकल शेयर खरीदे थे, तो अब देरी न करें और जल्द से जल्द उन्हें डिमैट अकाउंट में कन्वर्ट कराएं।



