MSCI EM टॉप-10 से बाहर हुईं भारतीय कंपनियां

वैश्विक निवेशकों द्वारा बारीकी से ट्रैक किए जाने वाले MSCI Emerging Markets (EM) Index में 26 वर्षों में पहली बार भारत की कोई भी कंपनी टॉप-10 घटकों में शामिल नहीं है। यह बदलाव भारतीय शेयर बाजार और वैश्विक पूंजी प्रवाह के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विश्लेषकों के अनुसार AI और सेमीकंडक्टर सेक्टर से जुड़ी कंपनियों में आई जबरदस्त तेजी ने इंडेक्स की संरचना को बदल दिया है। ताइवान, दक्षिण कोरिया और चीन की टेक्नोलॉजी कंपनियों ने निवेशकों का बड़ा ध्यान आकर्षित किया है, जिससे भारतीय कंपनियों की रैंकिंग और वेटेज पर असर पड़ा है।
भारत की सबसे बड़ी कंपनियों में शामिल HDFC Bank और Reliance Industries अब MSCI EM Index में क्रमशः 11वें और 12वें स्थान पर पहुंच गई हैं। दोनों कंपनियां कुछ महीने पहले तक टॉप-10 में शामिल थीं।
MSCI EM Index दुनिया भर में 700 अरब डॉलर से अधिक की परिसंपत्तियों को बेंचमार्क करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए इसमें किसी देश या कंपनी का वेटेज बदलने का असर वैश्विक निवेश प्रवाह पर भी पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत की इंडेक्स हिस्सेदारी घटने का एक कारण यह भी है कि AI-आधारित कंपनियों में निवेशकों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ी है। Taiwan Semiconductor Manufacturing Company, Samsung Electronics और SK Hynix जैसी कंपनियों के शेयरों में जोरदार उछाल देखने को मिला है।
हालांकि बाजार विशेषज्ञ मानते हैं कि यह स्थिति स्थायी नहीं भी हो सकती। भारतीय कंपनियों के प्रदर्शन, विदेशी निवेश प्रवाह और वैश्विक तकनीकी सेक्टर की चाल के आधार पर आने वाले समय में रैंकिंग फिर बदल सकती है। फिलहाल यह घटनाक्रम भारत के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है कि वैश्विक पूंजी अब तेजी से AI और सेमीकंडक्टर आधारित निवेश अवसरों की ओर बढ़ रही है।



