सेंसेक्स की 6 दिग्गज कंपनियों का मार्केट कैप ₹3 लाख करोड़ घटा, TCS और Infosys को सबसे बड़ा झटका

शेयर बाजार में हालिया कमजोरी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। सेंसेक्स की छह सबसे बड़ी कंपनियों के कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन में तीन लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई, जिसने दलाल स्ट्रीट के मूड को पूरी तरह बदल दिया। इस गिरावट का सबसे ज्यादा असर आईटी सेक्टर पर देखने को मिला, जहां टॉप कंपनियों के शेयरों में तेज बिकवाली रही। खासतौर पर TCS और Infosys जैसी दिग्गज कंपनियों की वैल्यू में बड़ी कमी आई, जिससे निवेशकों की संपत्ति पर सीधा असर पड़ा।
वैश्विक संकेत कमजोर रहने, अमेरिकी और यूरोपीय बाजारों में अनिश्चितता बढ़ने तथा विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने भारतीय बाजार पर दबाव बनाया। आईटी कंपनियां अपने बड़े राजस्व के लिए विदेशी बाजारों पर निर्भर हैं, इसलिए वहां की आर्थिक सुस्ती या खर्च में कटौती की आशंका का सीधा असर इनके शेयरों पर पड़ता है। रुपये में उतार-चढ़ाव और बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी जैसे फैक्टर भी निवेशकों को सतर्क कर रहे हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि बड़ी कंपनियों में आई यह गिरावट भावनात्मक भी है और आंशिक रूप से मुनाफावसूली का नतीजा भी। पिछले महीनों में आईटी शेयरों ने अच्छा प्रदर्शन किया था, इसलिए थोड़ी नकारात्मक खबर आते ही निवेशकों ने तेजी से प्रॉफिट बुकिंग शुरू कर दी। हालांकि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए इसे अवसर के रूप में भी देखा जा रहा है, क्योंकि मजबूत बैलेंस शीट और स्थिर ऑर्डर बुक इन कंपनियों की बुनियादी ताकत बनी हुई है।
बाजार विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि घबराहट में फैसले लेने के बजाय निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा करनी चाहिए। उतार-चढ़ाव शेयर बाजार का स्वाभाविक हिस्सा है, लेकिन गुणवत्ता वाली कंपनियां समय के साथ रिकवरी करती रही हैं। आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक आंकड़े, फेडरल रिजर्व के संकेत और आईटी कंपनियों की डील पाइपलाइन बाजार की दिशा तय करेंगे। फिलहाल, सेंसेक्स की दिग्गज कंपनियों की वैल्यू में आई यह बड़ी गिरावट निवेशकों को सावधान रहने का संकेत जरूर दे रही है।



