
भारत की सबसे बड़ी टेलीकॉम और डिजिटल सेवा कंपनियों में शामिल Reliance Jio के संभावित IPO को लेकर बाजार में चर्चाएं तेज हो गई हैं। निवेशकों की नजर इस बात पर है कि यदि जियो शेयर बाजार में लिस्ट होती है, तो शुरुआती निवेश करने वाली वैश्विक टेक कंपनियों को कितना फायदा हो सकता है। खास तौर पर Meta (पूर्व में Facebook) और Google ने वर्ष 2020 में जियो प्लेटफॉर्म्स में अरबों डॉलर का निवेश किया था।
Meta ने जियो प्लेटफॉर्म्स में करीब 9.99% हिस्सेदारी खरीदी थी, जबकि Google ने लगभग 7.73% हिस्सेदारी में निवेश किया था। उस समय किए गए निवेश का उद्देश्य भारत के तेजी से बढ़ते डिजिटल बाजार में अपनी उपस्थिति मजबूत करना था। यदि Jio IPO के दौरान कंपनी का मूल्यांकन मौजूदा स्तर से काफी अधिक होता है, तो इन निवेशकों की हिस्सेदारी का मूल्य भी कई गुना बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जियो का IPO भारतीय शेयर बाजार के सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गमों में से एक हो सकता है। कंपनी के पास करोड़ों मोबाइल ग्राहक, ब्रॉडबैंड सेवाएं, डिजिटल ऐप्स, क्लाउड सेवाएं और एंटरप्राइज बिजनेस जैसे कई मजबूत राजस्व स्रोत हैं। यही वजह है कि संभावित लिस्टिंग को लेकर घरेलू और विदेशी निवेशकों में उत्साह बना हुआ है।
हालांकि Meta और Google को होने वाले वास्तविक लाभ का अनुमान IPO के समय तय होने वाले मूल्यांकन और बाजार परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। यदि जियो का वैल्यूएशन उम्मीद से अधिक रहता है, तो दोनों टेक दिग्गजों के निवेश का मूल्य अरबों डॉलर बढ़ सकता है। वहीं Mukesh Ambani के नेतृत्व वाली रिलायंस समूह को भी अपने डिजिटल कारोबार के विस्तार और निवेशकों को आकर्षित करने में बड़ी सफलता मिल सकती है।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि जियो की लिस्टिंग केवल एक IPO नहीं होगी, बल्कि यह भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था और टेक सेक्टर की बढ़ती ताकत का भी बड़ा संकेत मानी जाएगी। ऐसे में आने वाले महीनों में Jio IPO से जुड़ी हर घोषणा पर निवेशकों की करीबी नजर बनी रहेगी।



