
इलेक्ट्रिक वाहन सेक्टर की प्रमुख कंपनी Ola Electric एक बार फिर शेयर बाजार में चर्चा का केंद्र बन गई है। हाल ही में कंपनी के लगभग 94,62,82,99 (करीब 9.46 करोड़) शेयरों की बड़ी बिक्री सामने आई है, जिसे लेकर निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। बाजार सूत्रों के अनुसार यह सौदा ब्लॉक डील के जरिए हुआ, जिसमें किसी बड़े शुरुआती निवेशक या प्रमोटर से जुड़ी इकाई ने अपनी हिस्सेदारी घटाई है। हालांकि एक्सचेंज को दी गई आधिकारिक जानकारी में सभी विवरण स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन इतनी बड़ी मात्रा में शेयरों की बिक्री ने शेयर पर दबाव जरूर बना दिया है।
बताया जा रहा है कि यह बिक्री प्री-आईपीओ या शुरुआती निवेशकों में से किसी की ओर से हो सकती है, जो मुनाफावसूली या पोर्टफोलियो री-बैलेंसिंग के तहत अपनी हिस्सेदारी कम कर रहे हैं। बाजार में यह आम धारणा है कि जब कोई बड़ा निवेशक एक साथ इतनी बड़ी संख्या में शेयर बेचता है, तो अल्पकाल में शेयर की कीमत पर नकारात्मक असर पड़ता है। इसी कारण निवेशकों के बीच यह आशंका गहराती जा रही है कि सोमवार को Ola Electric का शेयर फिसल सकता है।
पिछले कुछ समय से Ola Electric के शेयरों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। कंपनी के फंडामेंटल्स, प्रतिस्पर्धा में बढ़ोतरी, ईवी सेक्टर में कीमतों का दबाव और मार्जिन को लेकर सवाल पहले से ही बाजार में मौजूद हैं। ऐसे में बड़े निवेशक की हिस्सेदारी घटाने की खबर ने इन आशंकाओं को और हवा दे दी है। कई छोटे निवेशक इसे नकारात्मक संकेत मान रहे हैं और शॉर्ट टर्म में मुनाफा सुरक्षित करने की रणनीति अपना सकते हैं।
हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि ब्लॉक डील हमेशा कंपनी की सेहत पर सवाल नहीं उठाती। कई बार यह सिर्फ निवेशक की व्यक्तिगत रणनीति होती है। यदि कंपनी की ऑर्डर बुक, टेक्नोलॉजी, प्रोडक्ट पाइपलाइन और लॉन्ग टर्म ग्रोथ कहानी मजबूत रहती है, तो गिरावट के बाद शेयर में स्थिरता भी आ सकती है।
फिलहाल बाजार की नजर सोमवार के कारोबार पर टिकी है। अगर बिकवाली का दबाव बना रहा तो शेयर में गिरावट संभव है, वहीं लंबी अवधि के निवेशक इस गिरावट को खरीदारी के मौके के रूप में भी देख सकते हैं। निवेशकों के लिए यही सलाह है कि वे अफवाहों के बजाय आधिकारिक खुलासों और कंपनी के दीर्घकालिक प्रदर्शन को ध्यान में रखकर फैसला लें।



