
सामाजिक न्याय मंत्रालय ने 2025-26 में ₹11,810 करोड़ खर्च किए, जो अब तक का सबसे बड़ा व्यय माना जा रहा है। इस बजट का मुख्य उद्देश्य नशा मुक्ति, महिला और बाल विकास, वृद्ध कल्याण, अनुसूचित जाति एवं पिछड़े वर्गों के कल्याण जैसी योजनाओं को मजबूत करना है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह व्यय न केवल समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने में मदद करेगा, बल्कि सामाजिक असमानता और अपराध दर को कम करने में भी सहायक होगा। नशा मुक्ति योजनाओं पर विशेष जोर देने से युवाओं को स्वस्थ जीवन की ओर प्रेरित किया जा रहा है।
मंत्रालय की रणनीति में सार्वजनिक जागरूकता अभियान, प्रशिक्षण कार्यक्रम और वित्तीय सहायता शामिल हैं। इन उपायों से लाभार्थियों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा मिलेगी और दीर्घकालीन सामाजिक सुधार संभव होगा। यह व्यय समाज में सकारात्मक परिवर्तन और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।



