Vi में सरकार की हिस्सेदारी बिक्री पर विचार, अमेरिकी फंड की दिलचस्पी

टेलीकॉम सेक्टर की प्रमुख कंपनी Vodafone Idea (Vi) को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। भारत सरकार अब कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी कर रही है और इसके लिए संभावित निवेशकों की तलाश शुरू हो चुकी है। खास बात यह है कि एक अमेरिकी (US) आधारित फंड ने भी Vi में निवेश को लेकर गहरी दिलचस्पी दिखाई है, जिससे कंपनी के पुनरुद्धार की उम्मीदें और मजबूत हो गई हैं।
दरअसल, सरकार ने कुछ समय पहले Vi के बकाया एजीआर (Adjusted Gross Revenue) ड्यूज को इक्विटी में बदलकर कंपनी में हिस्सेदारी हासिल की थी। इसके बाद सरकार कंपनी की एक बड़ी शेयरधारक बन गई। अब रणनीति यह है कि इस हिस्सेदारी को बेचकर न केवल सरकार अपनी पूंजी वापस पाए, बल्कि कंपनी को भी नए निवेशकों के जरिए वित्तीय मजबूती मिल सके।
Vi लंबे समय से फंड की कमी से जूझ रही है और अपने प्रतिस्पर्धियों Reliance Jio और Bharti Airtel के मुकाबले पिछड़ती नजर आ रही है। ऐसे में नए निवेश की जरूरत कंपनी के लिए बेहद अहम हो गई है। अगर विदेशी निवेशक, खासकर अमेरिकी फंड, कंपनी में निवेश करते हैं तो इससे Vi के नेटवर्क विस्तार, 5G रोलआउट और ग्राहक आधार को बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
सूत्रों के मुताबिक, सरकार निवेशकों के साथ बातचीत के लिए खुले रुख में है और डील को आकर्षक बनाने के लिए विभिन्न विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। इसमें शेयर की कीमत, हिस्सेदारी का प्रतिशत और निवेश की शर्तें शामिल हो सकती हैं। सरकार का लक्ष्य है कि कंपनी को दीर्घकालिक स्थिरता मिले और टेलीकॉम सेक्टर में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बनी रहे।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह डील सफल होती है तो यह भारतीय टेलीकॉम सेक्टर के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हो सकती है। इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और सेक्टर में नई पूंजी का प्रवाह भी तेज होगा। अब सभी की नजर इस संभावित सौदे और निवेशकों के अंतिम फैसले पर टिकी हुई है, जो आने वाले समय में Vi के भविष्य को तय करेगा।



