उत्तर प्रदेश में खेल और खिलाड़ियों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बड़ा और प्रेरणादायक बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों को न केवल प्रोत्साहन दे रही है, बल्कि उन्हें सम्मान और रोजगार भी प्रदान कर रही है। इस दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए राज्य सरकार ने अब तक 500 से अधिक खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी प्रदान की है।
मुख्यमंत्री योगी ने अपने संबोधन में कहा कि “हमारे खिलाड़ी न केवल प्रदेश का, बल्कि देश का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्हें सिर्फ तालियों की नहीं, अवसरों की भी जरूरत है।” यही सोचकर योगी सरकार ने एक ऐसी खेल नीति लागू की है, जो खिलाड़ियों को उनके प्रदर्शन के आधार पर सरकारी सेवा में सीधी नियुक्ति देती है।
राज्य के विभिन्न खेलों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को शिक्षा, पुलिस, परिवहन, और अन्य विभागों में नियुक्ति दी गई है। इससे खिलाड़ियों में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है और ग्रामीण क्षेत्रों में खेलों के प्रति रुझान बढ़ा है।
खेल अधोसंरचना के क्षेत्र में भी यूपी सरकार ने अहम फैसले लिए हैं। सीएम योगी ने बताया कि प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर खेल मैदानों का निर्माण कराया जा रहा है। अब तक सैकड़ों गांवों में आधुनिक सुविधाओं से लैस खेल मैदान तैयार किए जा चुके हैं। इससे न केवल ग्रामीण प्रतिभाओं को मौका मिलेगा, बल्कि खेल को जमीनी स्तर से मजबूती मिलेगी।
खिलाड़ियों को मिलने वाली सुविधाओं में खेल किट, प्रशिक्षण, आहार भत्ता, और कोचिंग की व्यवस्था भी की जा रही है। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि उत्तर प्रदेश देश का अग्रणी खेल राज्य बने। इसके लिए स्कूल स्तर से ही खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें प्रशिक्षित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि “खेल अनुशासन, नेतृत्व और स्वस्थ जीवन का आधार है। हमारी सरकार चाहती है कि हर युवा खेल को अपनाए, और अगर उसका प्रदर्शन अच्छा हो तो उसे रोजगार के अवसर भी मिलें।”
विशेषज्ञों और खेल संघों ने इस नीति की सराहना की है। उनका मानना है कि इससे न केवल युवा खेल की ओर आकर्षित होंगे, बल्कि प्रदेश में खेल संस्कृति का विकास भी होगा। ग्रामीण क्षेत्रों से निकलने वाली नई प्रतिभाओं को सही दिशा और प्लेटफॉर्म मिलेगा।
योगी सरकार का यह कदम न केवल खेलों को बढ़ावा देगा, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार और पहचान का भी मजबूत माध्यम बनेगा। अगर यही रफ्तार रही, तो उत्तर प्रदेश खेलों के क्षेत्र में भी एक मिसाल बन सकता है।



