लाइफस्टाइल

PM2.5 प्रदूषण बढ़ा सकता है रुमेटाइड अर्थराइटिस का खतरा

हवा में मौजूद प्रदूषण शरीर पर कई तरह से असर डाल सकता है। PM2.5 बेहद छोटे कण होते हैं, जो सांस के साथ शरीर में प्रवेश कर सकते हैं। अब शोधकर्ताओं ने इनके संपर्क को रुमेटाइड अर्थराइटिस जैसी ऑटोइम्यून बीमारी से भी जोड़कर देखा है।

रुमेटाइड अर्थराइटिस में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से अपने ही जोड़ों के ऊतकों पर हमला करने लगती है। इससे जोड़ों में सूजन, दर्द और अकड़न जैसी परेशानियां हो सकती हैं। प्रदूषण से जुड़ी सूजन संबंधी प्रक्रियाएं इस बीमारी के जोखिम या गतिविधि को प्रभावित कर सकती हैं।

2026 में प्रकाशित एक अध्ययन में 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में पार्टिकुलेट मैटर और गैसीय प्रदूषकों के संपर्क तथा रुमेटाइड अर्थराइटिस के नए मामलों के बीच संबंध देखा गया। हालांकि शोध से यह साबित नहीं होता कि प्रदूषण अकेले बीमारी का कारण है।

पहले से रुमेटाइड अर्थराइटिस से जूझ रहे लोगों के लिए भी वायु प्रदूषण चिंता का विषय हो सकता है। हालिया शोध में PM2.5 के अधिक संपर्क को बीमारी की बढ़ी हुई सक्रियता और फ्लेयर यानी लक्षणों के अचानक ज्यादा बढ़ने के जोखिम से जोड़ा गया है।

PM2.5 के कण इतने छोटे होते हैं कि शरीर के भीतर गहराई तक पहुंच सकते हैं। इनके संपर्क से होने वाली सूजन और इम्यून सिस्टम पर संभावित प्रभावों को वैज्ञानिक रुमेटाइड अर्थराइटिस सहित कई स्वास्थ्य समस्याओं के संदर्भ में अध्ययन कर रहे हैं।

इसका मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति जो प्रदूषित हवा में सांस लेता है, उसे रुमेटाइड अर्थराइटिस हो जाएगा। बीमारी के पीछे आनुवंशिक, प्रतिरक्षात्मक और पर्यावरणीय कारकों की भूमिका हो सकती है। इसलिए प्रदूषण को एक संभावित जोखिम कारक के रूप में देखना ज्यादा उचित है।

जोड़ों में लगातार दर्द, सूजन, सुबह उठने पर लंबे समय तक अकड़न या बार-बार फ्लेयर जैसे लक्षण दिखाई दें तो उन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर डॉक्टर या रूमेटोलॉजिस्ट से जांच कराने से बीमारी की पहचान और उचित उपचार में मदद मिल सकती है।

प्रदूषण के दिनों में बाहर लंबे समय तक रहने से बचना, स्थानीय एयर-क्वालिटी इंडेक्स पर नजर रखना और जरूरत के अनुसार अच्छी तरह फिट होने वाला मास्क इस्तेमाल करना एक्सपोजर कम करने में मदद कर सकता है। हालांकि रुमेटाइड अर्थराइटिस के इलाज के लिए केवल प्रदूषण से बचाव पर्याप्त नहीं है और चिकित्सकीय उपचार जरूरी हो सकता है।

Computer Jagat 24

Founded in 2018, Computer Jagat24 has quickly emerged as a leading news source based in Lucknow, Uttar Pradesh. Our mission is to inspire, educate, and outfit our readers for a lifetime of adventure and stewardship, reflecting our commitment to providing comprehensive and reliable news coverage.

संबंधित समाचार

Back to top button