Banda Crime: पति-पत्नी करते थे रेकी, नाबालिग बेटे से कराते थे चोरी

उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में चोरी के एक मामले का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक एक परिवार के पति-पत्नी पहले ऐसे घरों की रेकी करते थे, जहां लोगों की गैरमौजूदगी रहती थी। इसके बाद अपने नाबालिग बेटे को घर के अंदर भेजकर चोरी की वारदात को अंजाम दिलाते थे। पुलिस ने पति-पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि नाबालिग को संरक्षण में लिया गया है।
मामला तिंदवारी थाना क्षेत्र का है, जहां चार अलग-अलग घरों में चोरी की घटनाओं के बाद पुलिस ने जांच शुरू की थी। जांच के दौरान पुलिस को इस परिवार की गतिविधियों के बारे में जानकारी मिली। पुलिस का कहना है कि आरोपी पहले इलाके में घूमकर मकानों की निगरानी करते और यह पता लगाते थे कि किस घर में लोग मौजूद नहीं हैं।
पुलिस के अनुसार, घर को खाली देखकर पति-पत्नी नाबालिग बेटे को अंदर भेजते थे। आरोप है कि खिड़की काटने या दरवाजा तोड़ने के बाद बच्चा घर में प्रवेश करता और कीमती सामान लेकर बाहर आता था, जबकि माता-पिता बाहर रहकर आसपास की निगरानी करते थे। इस तरीके से परिवार कथित तौर पर चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था।
पुलिस कार्रवाई में आरोपियों के पास से करीब 20 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए हैं। इसके अलावा 54,100 रुपये नकद मिलने की भी जानकारी सामने आई है। बरामद सामान को पुलिस ने चोरी की घटनाओं से जोड़कर जांच आगे बढ़ाई है।
जांच में तिंदवारी क्षेत्र के चार घरों में हुई चोरी की घटनाओं का जिक्र सामने आया है। पुलिस ने इन मामलों में मुकदमे दर्ज कर जांच शुरू की थी। पूछताछ और सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने पति हमीद और उसकी पत्नी नर्गिस को गिरफ्तार किया। दोनों को पपरेंदा रोड स्थित पीएचसी तिंदवारी के पास से पकड़े जाने की जानकारी दी गई है।
इस मामले में नाबालिग बच्चे को आरोपी की तरह पेश करने के बजाय पुलिस ने उसे बाल अपचारी के तौर पर संरक्षण में लिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस परिवार ने तिंदवारी और आसपास के इलाकों में कितनी अन्य चोरी की वारदातों को अंजाम दिया था। साथ ही आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है।
बांदा पुलिस की इस कार्रवाई के बाद इलाके में इस तरह के संगठित तरीके से चोरी किए जाने को लेकर चर्चा तेज हो गई है। खास तौर पर नाबालिग बच्चे को कथित तौर पर अपराध में इस्तेमाल किए जाने का पहलू इस मामले को गंभीर बनाता है। पुलिस बरामद जेवर और नकदी के संबंध में भी आगे की जांच कर रही है।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और सामने आए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगी। पुलिस का अगला फोकस यह पता लगाने पर है कि गिरफ्तार पति-पत्नी और उनके नाबालिग बेटे से जुड़े इस कथित गिरोह ने अन्य कितनी वारदातें की हैं और बरामद सामान किन मामलों से संबंधित है।



