चीन के J-20 फाइटर में 16 मिसाइलें! दुर्लभ ‘बीस्ट मोड’ में दिखी ताकत

चीन अपनी वायुसेना की ताकत बढ़ाने के लिए लगातार आधुनिक सैन्य तकनीक विकसित कर रहा है। इसी कड़ी में चीन का पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ लड़ाकू विमान J-20 एक बार फिर चर्चा में है। हाल ही में इस फाइटर जेट का दुर्लभ ‘बीस्ट मोड’ कॉन्फिगरेशन सामने आया है। इस कॉन्फिगरेशन में विमान के पंखों के नीचे अतिरिक्त मिसाइलें लगी दिखाई दीं। रिपोर्ट के अनुसार, J-20 बाहरी हार्डपॉइंट्स और आंतरिक हथियार बे को मिलाकर अधिकतम 16 मिसाइलें ले जाने में सक्षम हो सकता है। यह क्षमता इसे एक साथ कई हवाई लक्ष्यों से मुकाबला करने के लिए अतिरिक्त हथियार उपलब्ध करा सकती है।
क्या है J-20 का बीस्ट मोड?
बीस्ट मोड लड़ाकू विमानों की ऐसी विशेष हथियार व्यवस्था को कहा जाता है, जिसमें अधिक से अधिक मिसाइलें और हथियार विमान के बाहरी हिस्से में लगाए जाते हैं। सामान्य तौर पर स्टील्थ विमान अपने हथियारों को आंतरिक बे में रखते हैं, ताकि दुश्मन के रडार की पकड़ में आने की संभावना कम रहे। लेकिन बीस्ट मोड में बाहरी हार्डपॉइंट्स का इस्तेमाल करके हथियारों की संख्या बढ़ाई जाती है। इससे विमान की मारक क्षमता तो बढ़ती है, लेकिन उसकी रडार से बचने की क्षमता प्रभावित होती है।
PL-15 मिसाइलों से बढ़ेगी मारक क्षमता
J-20 के बाहरी हिस्से में आठ PL-15 एयर-टू-एयर मिसाइलें लगाए जाने की तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं। इन मिसाइलों को लंबी दूरी पर दुश्मन के लड़ाकू विमानों को निशाना बनाने के लिए विकसित किया गया है। इसके अलावा विमान के आंतरिक हथियार बे में भी मिसाइलें रखी जा सकती हैं। PL-15 की खासियत इसकी लंबी दूरी और सक्रिय रडार गाइडेंस प्रणाली है, जो इसे आधुनिक हवाई युद्ध में महत्वपूर्ण हथियार बनाती है।
स्टील्थ क्षमता पर पड़ेगा असर
J-20 को चीन ने दुश्मन के रडार से बचकर ऑपरेशन करने के उद्देश्य से विकसित किया है। इसकी स्टील्थ तकनीक इसे पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों की श्रेणी में शामिल करती है। हालांकि, जब इसके पंखों के नीचे अतिरिक्त मिसाइलें लगाई जाती हैं, तो विमान का रडार क्रॉस सेक्शन बढ़ जाता है। इससे दुश्मन के रडार के लिए इसे पहचानना और ट्रैक करना अपेक्षाकृत आसान हो सकता है। इसके अलावा बाहरी हथियारों से विमान का ड्रैग बढ़ता है, जिससे ईंधन खपत और उड़ान प्रदर्शन पर भी असर पड़ सकता है।
J-20 की ताकत से बढ़ेगी चीन की हवाई युद्ध क्षमता
चीन का J-20 फाइटर लंबी दूरी के हवाई अभियानों और एयर सुपीरियरिटी मिशनों के लिए तैयार किया गया है। इसकी स्टील्थ तकनीक, आधुनिक सेंसर और मिसाइल क्षमता इसे चीनी वायुसेना का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाती है। बीस्ट मोड में यह विमान अधिक संख्या में मिसाइलें लेकर उड़ान भर सकता है। ऐसी व्यवस्था उन अभियानों में उपयोगी हो सकती है, जहां स्टील्थ की तुलना में अधिक हथियार ले जाना प्राथमिकता हो।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे वीडियो
J-20 के बीस्ट मोड में दिखाई देने का यह पहला मामला नहीं है। फरवरी और सितंबर 2025 में भी इस तरह के फुटेज सामने आए थे। इन तस्वीरों में विमान के पंखों के नीचे अतिरिक्त मिसाइलें लगी दिखाई दी थीं। नवंबर 2026 में सामने आए नए फुटेज ने एक बार फिर इस हथियार व्यवस्था को लेकर चर्चा बढ़ा दी है। हालांकि, 16 मिसाइलों वाली पूरी व्यवस्था की नियमित सैन्य तैनाती की आधिकारिक पुष्टि अभी स्पष्ट नहीं है।
कुल मिलाकर, चीन का J-20 बीस्ट मोड उसकी हवाई युद्ध रणनीति में हथियारों की अधिक क्षमता और स्टील्थ तकनीक के बीच संतुलन बनाने की कोशिश को दर्शाता है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि चीन इस कॉन्फिगरेशन को भविष्य में नियमित सैन्य अभियानों में किस तरह इस्तेमाल करता है।



