Budget 2026 से पहले 5 बड़ी मांगें: पेंशन, बीमा और लोन पर टैक्स में छूट मिलेगी?

Budget 2026 को लेकर आम जनता, सैलरीड क्लास और वरिष्ठ नागरिकों की उम्मीदें इस बार काफी ज्यादा हैं, क्योंकि महंगाई, ब्याज दरों और रोजमर्रा के खर्चों ने लोगों के बजट को बुरी तरह प्रभावित किया है। सबसे बड़ी मांग पेंशन पर टैक्स खत्म करने को लेकर उठ रही है, खासतौर पर उन रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए जिनकी आय का एकमात्र स्रोत पेंशन है। मौजूदा समय में तय सीमा से अधिक पेंशन आय पर टैक्स देना पड़ता है, जिससे बुजुर्गों की आर्थिक सुरक्षा प्रभावित होती है, इसलिए विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार पेंशन को पूरी तरह टैक्स फ्री करने या कम से कम छूट की सीमा बढ़ाने पर विचार कर सकती है। दूसरी बड़ी मांग जीवन बीमा प्रीमियम पर टैक्स छूट बढ़ाने की है, क्योंकि सेक्शन 80C के तहत 1.5 लाख रुपये की सीमा कई सालों से नहीं बदली गई है, जबकि बीमा प्रीमियम और स्वास्थ्य खर्च काफी बढ़ चुके हैं। तीसरी मांग होम लोन और एजुकेशन लोन पर ब्याज में अतिरिक्त टैक्स राहत की है, जिससे मिडिल क्लास पर EMI का बोझ कम हो सके और घर खरीदने को प्रोत्साहन मिले। चौथी अहम मांग हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर टैक्स छूट बढ़ाने की है, खासकर वरिष्ठ नागरिकों और फैमिली फ्लोटर पॉलिसी के लिए, क्योंकि मेडिकल खर्च लगातार बढ़ रहे हैं और मौजूदा लिमिट अपर्याप्त साबित हो रही है। पांचवीं बड़ी मांग स्टैंडर्ड डिडक्शन और बेसिक टैक्स स्लैब में बदलाव की है, ताकि सैलरीड टैक्सपेयर्स को सीधे तौर पर राहत मिल सके और उनकी डिस्पोजेबल इनकम बढ़े। Budget 2026 में सरकार अगर इन मांगों पर सकारात्मक कदम उठाती है तो न सिर्फ टैक्सपेयर्स को राहत मिलेगी, बल्कि खपत और निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है। अब सबकी नजरें सरकार के फैसले पर टिकी हैं कि क्या Budget 2026 वाकई आम आदमी के लिए राहत भरा साबित होगा या ये मांगें सिर्फ उम्मीदों तक ही सीमित रह जाएंगी।



