Colgate India: 1937 में हुई शुरुआत, आज बना हजारों करोड़ का कारोबार

एक समय भारत में दांतों की सफाई के लिए दातुन और पारंपरिक तरीकों का इस्तेमाल आम था। ऐसे दौर में टूथपेस्ट जैसे आधुनिक Oral Care उत्पादों का बाजार बनाना कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती थी। Colgate ने 1937 में भारत में अपनी शुरुआत की और इसके बाद भारतीय उपभोक्ताओं के बीच टूथपेस्ट की आदत को बढ़ावा देने वाले बाजार में विस्तार किया।
Colgate की कहानी केवल एक टूथपेस्ट ब्रांड के सफर तक सीमित नहीं है। कंपनी ने समय के साथ टूथब्रश, माउथवॉश और अन्य Oral Care उत्पादों को भी अपने पोर्टफोलियो में शामिल किया। वैश्विक स्तर पर Colgate-Palmolive के लिए Oral Care आज भी सबसे बड़ा सेगमेंट है और 2025 में कंपनी की कुल बिक्री में इसका हिस्सा लगभग आधा रहा।
भारत में Oral Care बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ने के साथ Colgate को भी अलग-अलग कीमत और जरूरत के हिसाब से उत्पाद पेश करने पड़े। ग्रामीण और शहरी दोनों बाजारों में पहुंच बनाने के लिए कंपनी ने अपने वितरण नेटवर्क और प्रोडक्ट पोर्टफोलियो का विस्तार किया।
1937 में शुरू हुई यह कहानी आज भारतीय FMCG और Oral Care बाजार की प्रमुख कारोबारी कहानियों में गिनी जाती है। हालांकि, दिए गए लेख में बताए गए ₹5 लाख करोड़ के आंकड़े को कंपनी के कुल कारोबार, बाजार मूल्य या पूरे Oral Care बाजार के संदर्भ में समझना जरूरी है; इसे सीधे Colgate India के वार्षिक राजस्व के रूप में नहीं लिखना चाहिए।



