मोहम्मद शमी ने की वैभव सूर्यवंशी की तारीफ, बोले- ज्यादा कोचिंग की जरूरत नहीं

मोहम्मद शमी ने 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी की क्रिकेट प्रतिभा और परिपक्वता की तारीफ करते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी को पहले की तरह बहुत ज्यादा कोचिंग की जरूरत नहीं पड़ती। शमी का मानना है कि वैभव जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को सही समय पर मार्गदर्शन और अनुभव साझा करने की जरूरत है।
दलीप ट्रॉफी में वैभव सूर्यवंशी ईस्ट जोन की टीम का हिस्सा रहे। टूर्नामेंट में उन्होंने बल्ले से भी उपयोगी योगदान दिया और मैदान पर अपनी समझ का परिचय दिया। ईस्ट जोन ने फाइनल में पहली पारी की बढ़त के आधार पर खिताब अपने नाम किया।
वैभव ने दलीप ट्रॉफी में पांच पारियों में 192 रन बनाए। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 104.92 रहा, जो टूर्नामेंट में सबसे बेहतर रहा। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और तेज गति से रन बनाने की क्षमता एक बार फिर चर्चा में रही।
शमी ने युवा क्रिकेटरों की बदलती तैयारी और खेल की समझ का जिक्र करते हुए वैभव की तारीफ की। उन्होंने संकेत दिया कि ऐसे खिलाड़ियों को हर छोटी चीज सिखाने के बजाय उनके कौशल को निखारने और सही दिशा देने पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।
दलीप ट्रॉफी के फाइनल में वैभव ने उपकप्तान की भूमिका भी निभाई और मैदान पर अपने फैसलों से प्रभावित किया। एक सफल DRS फैसले में उनकी भूमिका की भी चर्चा हुई। ईस्ट जोन ने फाइनल मुकाबला ड्रॉ रहने के बावजूद पहली पारी में बड़ी बढ़त के चलते ट्रॉफी अपने नाम की।
वैभव सूर्यवंशी पहले ही अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से पहचान बना चुके हैं। अब घरेलू क्रिकेट के लंबे प्रारूप में उनका अनुभव बढ़ना उनके करियर के लिए अहम माना जा रहा है। शमी जैसे अनुभवी खिलाड़ी की तारीफ उनके लिए निश्चित तौर पर आत्मविश्वास बढ़ाने वाली है।



