UP Textile Industry: योगी राज में बदला कारोबारी माहौल, टेक्सटाइल सेक्टर में 5,354 करोड़ के निवेश प्रस्ताव

उत्तर प्रदेश में टेक्सटाइल उद्योग को नई गति देने के लिए सरकार निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर और नीतिगत सुविधाओं पर जोर दे रही है। लखनऊ में आयोजित यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव-2026 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के बदले कारोबारी माहौल और टेक्सटाइल सेक्टर की संभावनाओं को रेखांकित किया। रिपोर्ट के मुताबिक टेक्सटाइल क्षेत्र में 5,354 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
कारोबारी माहौल में बदलाव का दावा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टेक्सटाइल कॉन्क्लेव में कहा कि 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था और कारोबारी वातावरण में बदलाव आया है। उनके मुताबिक बेहतर सुरक्षा और नीतिगत स्थिरता से निवेशकों तथा उद्यमियों का भरोसा बढ़ा है।
सरकार का दावा है कि अब उद्योगों के लिए निवेश, उत्पादन और विस्तार का वातावरण पहले की तुलना में अधिक अनुकूल है।
टेक्सटाइल सेक्टर में 5,354 करोड़ के निवेश प्रस्ताव
टेक्सटाइल क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने की कोशिशों के बीच 5,354 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं। सरकार का लक्ष्य इन निवेशों को जमीन पर उतारकर उत्पादन क्षमता बढ़ाने और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
36 सेक्टर की नीतियों का सहारा
उत्तर प्रदेश सरकार के मुताबिक राज्य में अलग-अलग औद्योगिक क्षेत्रों के लिए 36 सेक्टर आधारित नीतियां उपलब्ध हैं। टेक्सटाइल और गारमेंटिंग सेक्टर के लिए भी विशेष नीतियां लागू हैं, जिनका उद्देश्य नई इकाइयों, विस्तार और निवेश को प्रोत्साहित करना है।
214 इकाइयों को मिला ‘लेटर ऑफ कम्फर्ट’
हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग के अनुसार 2017-18 से अब तक टेक्सटाइल और गारमेंटिंग क्षेत्र की 214 इकाइयों के पक्ष में लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी किए गए हैं। वहीं 157 इकाइयों को कुल 416.75 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता वितरित की जा चुकी है।
बुनकरों को भी मिल रही आर्थिक मदद
सरकार ने हथकरघा और पावरलूम बुनकरों को स्वरोजगार और उत्पादन से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री हैंडलूम एवं पावरलूम उद्योग विकास योजना लागू की है। रिपोर्ट के अनुसार 4,122 बुनकरों को 73.18 करोड़ रुपये की मदद दी गई है।
करीब एक लाख पावरलूम बुनकरों को बिजली राहत
पावरलूम क्षेत्र के लिए लागू अटल बिहारी पावरलूम बुनकर विद्युत फ्लैट रेट योजना के तहत 99,929 पावरलूम विद्युत कनेक्शनधारक बुनकरों को लाभ पहुंचाने के लिए 3,446.44 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता अनुमोदित किए जाने की जानकारी दी गई है।
10 टेक्सटाइल पार्क बनाने की तैयारी
प्रदेश में टेक्सटाइल उद्योग के लिए आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने पर भी जोर है। सरकार 10 टेक्सटाइल पार्क विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। इनमें से कई परियोजनाओं में निर्माण गतिविधियां शुरू होने की जानकारी दी गई है।
इन पार्कों से उत्पादन इकाइयों को एक जगह जरूरी सुविधाएं मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा होने की उम्मीद है।
यूपी को ग्लोबल टेक्सटाइल हब बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने यूपी की पारंपरिक टेक्सटाइल विरासत को आधुनिक तकनीक और वैश्विक बाजार से जोड़ने पर जोर दिया। बनारसी रेशम, भदोही कालीन और कानपुर के औद्योगिक आधार को प्रदेश की ताकत बताते हुए सरकार का लक्ष्य कच्चे फाइबर से तैयार उत्पाद तक पूरी वैल्यू चेन को यूपी में विकसित करना है।
17 टेक्सटाइल उत्पादों को GI टैग
रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के 17 टेक्सटाइल उत्पादों को GI टैग प्राप्त है और लगभग पांच लाख बुनकर सीधे इस क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। देश के कुल कपड़ा उत्पादन में यूपी की हिस्सेदारी करीब 14 प्रतिशत बताई गई है।
रोजगार पर सबसे बड़ा फोकस
टेक्सटाइल उद्योग श्रम आधारित क्षेत्र है। नई फैक्ट्रियों, प्रोसेसिंग यूनिट, गारमेंटिंग इकाइयों और टेक्सटाइल पार्कों के विस्तार से कुशल और अर्धकुशल श्रमिकों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
सरकार का जोर बुनकरों और MSME इकाइयों को केवल सप्लाई चेन का हिस्सा रखने के बजाय उन्हें ब्रांडिंग और निर्यात से जोड़ने पर भी है।
निवेशकों के लिए जमीन और इंफ्रास्ट्रक्चर
सरकार के अनुसार प्रदेश में करीब 75 हजार एकड़ का लैंड बैंक उपलब्ध है। एक्सप्रेसवे, लॉजिस्टिक्स और मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी के विस्तार को भी औद्योगिक निवेश के लिए महत्वपूर्ण आधार बताया गया है।
उत्तर प्रदेश में टेक्सटाइल उद्योग को निवेश और रोजगार का बड़ा इंजन बनाने की रणनीति पर काम हो रहा है। नीतिगत प्रोत्साहन, टेक्सटाइल पार्क, बुनकरों के लिए सहायता और बेहतर औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए सरकार यूपी को ग्लोबल टेक्सटाइल हब के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रख रही है। हालांकि निवेश प्रस्तावों को वास्तविक परियोजनाओं और रोजगार में बदलना इस पूरी रणनीति की सबसे अहम अगली कड़ी होगी।



