
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुंबई दौरे के बीच बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर स्थिति सामने आई। पुलिस ने ऐसे लोगों को हिरासत में लिया, जिनमें एक पर PMO अधिकारी होने का दावा करने और संदिग्ध पहचान पत्र इस्तेमाल करने का आरोप है, जबकि एक व्यक्ति के पास पिस्टल मिली। पुलिस मामले की जांच कर रही है। हालांकि शुरुआती जांच में अधिकारियों ने प्रधानमंत्री के कार्यक्रम से किसी सीधे संबंध की पुष्टि नहीं की है।
PM मोदी के कार्यक्रम से पहले BKC में हलचल
यह घटना मुंबई के BKC इलाके में उस समय सामने आई जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक कार्यक्रम के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी थी। NMACC और आसपास के क्षेत्र में प्रवेश करने वालों की जांच की जा रही थी।
सुरक्षा जांच के दौरान संदिग्ध पहचान सामने आने पर पुलिस ने पूछताछ शुरू की।
फर्जी PMO ID ने बढ़ाया शक
रिपोर्ट के मुताबिक एक युवक ने खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का अधिकारी बताया। उसके पास ऐसा पहचान पत्र था जिसे शुरुआती जांच में संदिग्ध/फर्जी पाया गया।
सुरक्षा कर्मियों को शक होने के बाद मामले की गहन जांच की गई और पुलिस को इसकी जानकारी दी गई।
साथ आए व्यक्ति के पास मिली पिस्टल
मामले को गंभीर बनाने वाली बात यह रही कि संदिग्ध के साथ मौजूद व्यक्ति के पास पिस्टल मिली। पुलिस ने हथियार को अपने कब्जे में लेकर उसकी वैधता और लाइसेंस से जुड़े दस्तावेजों की जांच शुरू की। कुछ रिपोर्टों में हथियार को लाइसेंसी बताया गया है, लेकिन जांच अभी जारी है।
पुलिस ने कितने लोगों को पकड़ा?
शुरुआती रिपोर्टों में संख्या को लेकर अंतर है। कुछ रिपोर्टों में तीन लोगों के सुरक्षा घेरा तोड़कर परिसर में पहुंचने की बात है, जबकि पुलिस कार्रवाई में दो लोगों को हिरासत/गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसलिए फिलहाल तीन संदिग्धों के बजाय दो लोगों की गिरफ्तारी को पुष्ट जानकारी के रूप में देखना अधिक उचित है।
क्या PM मोदी को था खतरा?
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। हालांकि मुंबई पुलिस ने बाद में स्पष्ट किया कि शुरुआती जांच में इन लोगों और प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम के बीच कोई सीधा संबंध नहीं मिला है।
फिर भी फर्जी सरकारी पहचान और हथियार के साथ हाई-सिक्योरिटी इलाके में पहुंचने की कोशिश को पुलिस गंभीरता से जांच रही है।
क्राइम ब्रांच कर रही जांच
मामले की आगे की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंपे जाने की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि संदिग्धों ने कथित फर्जी पहचान का इस्तेमाल क्यों किया और उनका वास्तविक उद्देश्य क्या था।
हाई-सिक्योरिटी जोन में कैसे पहुंचे?
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के कारण BKC में कई स्तरों पर सुरक्षा जांच की जा रही थी। ऐसे में संदिग्धों का सरकारी अधिकारी होने का दावा करना और पहचान पत्र दिखाकर आगे बढ़ने की कोशिश करना सुरक्षा एजेंसियों के लिए अहम जांच का विषय बन गया है।
पुलिस यह भी जांच रही है कि पहचान पत्र कहां से बना या हासिल किया गया और क्या इसके पीछे कोई अन्य व्यक्ति या नेटवर्क शामिल था।
फिलहाल जांच जारी
पुलिस ने घटना को लेकर जांच शुरू कर दी है और संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। हथियार, पहचान पत्र और कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने की परिस्थितियों की जांच के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर साफ होगी।
निष्कर्ष
मुंबई के BKC में पीएम मोदी के कार्यक्रम से पहले फर्जी PMO पहचान पत्र और पिस्टल से जुड़ी सुरक्षा घटना ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया। पुलिस ने संदिग्धों को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है। हालांकि अभी तक पुलिस को प्रधानमंत्री के कार्यक्रम से इनके सीधे जुड़े होने के प्रमाण नहीं मिले हैं। मामले में आगे की जांच के बाद ही इनके मकसद का खुलासा हो सकेगा।



