Weather Update: दिल्ली-UP, बिहार समेत कई राज्यों में बारिश का अलर्ट, नए सिस्टम से फिर बदलेगा मौसम

मानसून के आखिरी चरण में देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। उत्तर प्रदेश और बिहार समेत पूर्वी भारत के कई इलाकों में अगले कुछ दिनों तक बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 8 सितंबर को पूर्वी भारत में अगले 3-4 दिनों के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है।
मानसून की विदाई से पहले फिर सक्रिय हुआ मौसम
मानसून सीजन अंतिम दौर में पहुंच चुका है, लेकिन बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में बने मौसम तंत्रों के कारण बारिश की गतिविधियां अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। मौसम का प्रभाव पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में ज्यादा दिखाई दे रहा है।
यूपी में बारिश का दौर जारी
उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बादल, गरज-चमक और बारिश की संभावना बनी हुई है। पूर्वी यूपी में मौसम गतिविधि का असर खास तौर पर देखा जा रहा है। स्थानीय मौसम रिपोर्टों के अनुसार कुछ इलाकों में बारिश के साथ आकाशीय बिजली और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है।
लखनऊ में भी आने वाले दिनों में छिटपुट बारिश और गरज-चमक का दौर देखने को मिल सकता है।
बिहार में 8 से 10 सितंबर तक भारी बारिश का अलर्ट
IMD के पटना केंद्र ने बिहार के लिए 8, 9 और 10 सितंबर को भारी बारिश तथा गरज-चमक से जुड़ी चेतावनी दर्ज की है। इसके बाद भी 11 से 14 सितंबर तक गरज-चमक की गतिविधि की संभावना बनी हुई है।
ऐसे में बिहार के लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखने और आंधी-तूफान के दौरान खुले स्थानों से बचने की सलाह दी जा सकती है।
दिल्ली में भारी बारिश का अलर्ट नहीं
दिल्ली को लेकर तस्वीर थोड़ी अलग है। IMD के दिल्ली विश्वविद्यालय मौसम केंद्र के अनुसार 8 सितंबर को एक-दो बार बारिश या गरज के साथ बौछार की संभावना है, लेकिन कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। 9 और 10 सितंबर को भी आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है।
इसलिए दिल्ली-NCR के लिए फिलहाल ‘भारी बारिश का अलर्ट’ कहना सही नहीं होगा। हालांकि मौसम में बदलाव और हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है।
नए मौसम सिस्टम का क्या असर होगा?
IMD के मुताबिक पूर्वी भारत में अगले कुछ दिनों में भारी बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। मौसम विशेषज्ञों की निगाह बंगाल की खाड़ी और उससे जुड़े सिस्टम पर बनी हुई है। ऐसे सिस्टम बनने पर इनका असर आसपास के राज्यों में बारिश के रूप में दिखाई दे सकता है।
किन राज्यों में ज्यादा असर?
मौसम गतिविधि का असर मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में देखने को मिल सकता है। अलग-अलग राज्यों में बारिश की तीव्रता और चेतावनी का स्तर अलग हो सकता है।
बारिश के साथ आकाशीय बिजली का खतरा
जहां गरज-चमक के साथ बारिश का पूर्वानुमान है, वहां आकाशीय बिजली का खतरा भी बना रहता है। ऐसे मौसम में लोगों को पेड़, बिजली के खंभे और खुले मैदान जैसे स्थानों से दूर रहने तथा स्थानीय प्रशासन और IMD की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी जाती है।
किसानों के लिए भी अहम मौसम अपडेट
सितंबर में होने वाली बारिश खरीफ फसलों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है, लेकिन बहुत ज्यादा बारिश से खेतों में जलभराव की समस्या भी पैदा हो सकती है। किसानों को अपने जिले के अनुसार जारी मौसम और कृषि सलाह पर नजर रखनी चाहिए।
मानसून की विदाई का समय करीब आने के बावजूद बारिश का दौर अभी पूरी तरह थमा नहीं है। बिहार में 8 से 10 सितंबर तक भारी बारिश की चेतावनी है, जबकि यूपी में कई इलाकों में बारिश और गरज-चमक की संभावना बनी हुई है। दिल्ली में फिलहाल भारी बारिश का अलर्ट नहीं है। आने वाले दिनों में पूर्वी भारत में सक्रिय मौसम सिस्टम के कारण बारिश का दौर जारी रह सकता है।



