
वेनेजुएला की नई राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने सत्ता संभालते ही देश की राजनीति में बड़ा भूचाल ला दिया है। उन्होंने अपनी कैबिनेट में व्यापक बदलाव करते हुए कई पुराने मंत्रियों को हटाया और भरोसेमंद चेहरों को अहम जिम्मेदारियां सौंपी हैं। सबसे ज्यादा चर्चा उस फैसले को लेकर हो रही है, जिसमें पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के निजी बॉडीगार्ड रहे एक करीबी अधिकारी को बेहद महत्वपूर्ण मंत्रालय सौंपा गया है। इस कदम को न सिर्फ सत्ता के केंद्रीकरण के रूप में देखा जा रहा है, बल्कि यह भी संकेत माना जा रहा है कि डेल्सी रोड्रिग्ज अपने शासन की नींव पूरी तरह वफादार लोगों पर टिकाना चाहती हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वेनेजुएला इस समय गंभीर आर्थिक संकट, महंगाई और अंतरराष्ट्रीय दबावों से जूझ रहा है। ऐसे में राष्ट्रपति रोड्रिग्ज ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि वह किसी भी तरह की अंदरूनी गुटबाजी या अस्थिरता को बर्दाश्त नहीं करेंगी। मादुरो के पूर्व बॉडीगार्ड को सुरक्षा और रणनीतिक मामलों से जुड़े मंत्रालय की जिम्मेदारी देकर उन्होंने यह भी दिखाया है कि सुरक्षा तंत्र उनके शासन का सबसे मजबूत स्तंभ रहेगा।
कैबिनेट में किए गए बदलावों में कई पुराने नेताओं को हटा दिया गया है, जिन पर भ्रष्टाचार और अक्षमता के आरोप लगते रहे हैं। उनकी जगह युवा और अपेक्षाकृत आक्रामक प्रशासकों को मौका दिया गया है, जिनसे सरकार को ज्यादा प्रभावी और सख्त बनाने की उम्मीद की जा रही है। राष्ट्रपति रोड्रिग्ज का कहना है कि उनका लक्ष्य वेनेजुएला को आर्थिक रूप से स्थिर करना, जनता को राहत देना और अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की छवि को फिर से मजबूत करना है।



